||लालच इन्क्रीमेंट का ||

“मैनेजर कहता काम करो
इतना मत तुम आराम करों
काम बहुत बाकि है अब तो
ऐसे ना तुम विश्राम करो ,
प्रोमोशन भी जरुरी है
इन्क्रीमेंट भी अधूरी है
सरसों जैसी सैलरी अपनी
और पहाड़ सा काम पड़ा है
ना घर को समय दे पाता हूँ
ना खाना ठीक से खाता हूँ
हो व्यस्त कामो में बना हूँ गधा
दो रोटी के लिए हूँ मै बंधा
इन्क्रीमेंट का लोलीपोप देके
ऐसे कब तक बहकाओगे
देके आंकड़ा सैकड़े का
कब तक मुझे दौड़ाओगे
मार गया हूँ मै सारी खुशिया
कामो को प्राथमिकता देकर
तुम ही थोड़ी सी खुसिया दे दो
इन्क्रीमेंट का का वादा पूरा कर ||”

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