दिल की तमन्ना है !!ग़ज़ल!!

न बंदीश कोई न राह में कोई मुश्किले !
आजा खुशनुमा शाम दिल से दिल मिला ले !!

न आयेगी लौट कर फ़िर ये मौसम मेरे यार ,
आ बाँहों में बाँहे डाल दो पल जी ले !

चाहत के रंग में रंग जाये ऐसे हम दोनो ,
प्रेम को पूजा,दिल को मंदिर बना ले !

हँसती रहेगी फूल कि तरह हमारी ये ज़िंदगी ,
आ आज हम हर ग़म बराबर बाँट ले !

आ अमवा डाल में झुलेंगे मस्तियाँ करेंगे खूब ,
वो बीते बचपन के पल आज याद कर ले !

वो सरसों के खेतों से चल आयेंगे टहल कर ,
आ शाम रुमानी पुरवा संग गुन-गुना ले !

आ करेंगे आज हम मीठी-मीठी बाते दिलो के ,
आ चाँदनी उजाली रात में थोडी देर बैठ ले !

जो दिखे थे हँसी सपने बचपन से हम दोनो ,
न कर कोई बहाना आ पास सच कर ले !

आ हो जाये आज हम एक दूसरे के ऐसे ,
न छुटे साथ कभी, परछाई में भी साथ चले !

दिल कि तमन्ना है हर जन्म तुम्हे पाने कि ,
न छुटे गाँठ बंधन कि इस तरह बाँध ले !

मरेंगे साथ जियेंगे साथ ये कसम निभाना हैं ,
आ आज हम दो घूट प्रेम कि ज़हर पी ले !

**Dushyant kumar patel**

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