चलो फिर एक बार …… बचपन में जी लेते है !!

चलो फिर एक बार …… बचपन में जी लेते है !!

खेलते है साथ बैठकर
मै राम और तू रहीम बनेगा
ये ईसा और वो नानक बनेगा
चारो बैठेंगे एक साथ मंचपर
टिफिन को बाटकर खा लेते है …!

चलो फिर एक बार …… बचपन में जी लेते है !!

खेलते है खेल एक संग में
तू चोर बनेगा और मै सिपाही
वो वकील बनकर केस लड़ेगा
ये जज बनकर देगा रिहाई
फिर ठहाका लगा हंस लेते है….!

चलो फिर एक बार …… बचपन में जी लेते है !!

खेलते है खेल वहीं पुराना
मै शिक्षक बनूँगा तू विद्यार्थी
मै पढ़ाऊँगा पाठ नैतिकता के
ये वो भी सीखेंगे बनकर प्रार्थी
कुछ गुण पूर्वजो के सीख लेते है….!!

चलो फिर एक बार …… बचपन में जी लेते है !!

लड़ने दो उनको संसद से
सड़क और गलियारों तक
लगाने दो आग मस्जिद से
मंदिर,चर्च गुरुद्वारों तक
हम जमीं पे बैठ ईश को याद कर लेते है …!!

चलो फिर एक बार …… बचपन में जी लेते है !!
चलो फिर एक बार …… बचपन में जी लेते है !!
चलो फिर एक बार …… बचपन में जी लेते है !!

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डी. के. निवातिया……………!!!

16 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 16/01/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/01/2016
  2. Bimla Dhillon 16/01/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/01/2016
  3. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 16/01/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/01/2016
      • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 16/01/2016
        • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/01/2016
  4. RAJ KUMAR GUPTA Raj Kumar Gupta 17/01/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/01/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir 17/01/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/01/2016
  6. Dushyant patel 17/01/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/01/2016
  7. Sukhmangal Singh sukhmangal singh 19/01/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/01/2016

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