छोटा क़ाफ़िया, और लंबी रदीफ़ की ग़ज़ल – SALIM RAZA REWA

वतन की बात करनी हो तो मेरे पास आ जाओ
अमन की बात करनी हो तो मेरे पास आ जाओ
oo
बहारों से नज़ारों से सितारों से नहीं मतलब
नयन की बात करनी हो तो मेरे पास आ जाओ
oo
गुलो गुलशन कली औ फूल शबनम मन को भाते है
चमन की बात करनी हो तो मेरे पास आ जाओ
oo
नही शिकवा शिकायत रूठने की बात मत करना
मिलन की बात करनी हो तो मेरे पास आ जाओ
oo
बिना समझे न ढूंढो ऐब मेरी शायरी में तुम
सुख़न की बात करनी हो तो मेरे पास आ जाओ
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सलीम रज़ा रीवा

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/01/2016
  2. SALIM RAZA REWA salimraza 16/01/2016
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 01/12/2018
    • SALIM RAZA REWA SALIM RAZA REWA 01/12/2018
  4. Mansi yadav 01/12/2018

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