सीने में दबी एक कहानी – शिशिर “मधुकर”

प्यार की भीनी सी खुशबू जहाँ से आती है
हाथ फैला के मुझे वो सब मंजिलें बुलाती हैं
बात अक्सर वहाँ होती हैं जहाँ कोई नाता है
प्रेम को कितना भी छुपाओ छलक जाता है
दिल की आवाज़ तो मीलों से चली आती है
बिना बोले ही वो इस रूह में समां जाती है
चाहत की बेल को सहारे जहाँ भी मिलते है
हुस्न के साथ वहाँ उमंगो के फूल खिलते हैं
माना ये दुनियाँ हमेशा से ही आनी जानी हैं
फिर भी मुहब्बत को तरसती ज़िंदगानी हैं
जो अकेले हैं जहाँ में और फ़िर भी जिन्दा हैं
ऐसे हर शख्स के सीने में दबी एक कहानी हैं.

शिशिर “मधुकर”

16 Comments

  1. SALIM RAZA REWA salimraza 15/01/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/01/2016
  2. davendra87 davendra87 15/01/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/01/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/01/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/01/2016
  5. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 15/01/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/01/2016
  6. omendra.shukla omendra.shukla 15/01/2016
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/01/2016
  8. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 15/01/2016
  9. Shishir "Madhukar" Shishir 15/01/2016
  10. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 16/01/2016
  11. Shishir "Madhukar" Shishir 16/01/2016
  12. YUDHI 10/02/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/02/2016

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