***चिड़िया***

सबसे अच्छी लगती चिड़िया
प्यारी-प्यारी लगती हो
कितनी अच्छी लगती हो,जब
तिनके से सुन्दर घर बनती हो
आती बैठ झरोखे पर
फिर तिनका रख जाती हो
मटक-मटककर,फ़ुदक-फुदककर
चह-चहकर मीठी गीत सुनाती हो
बना घोसला झरोखे में लेकिन
कुछ ही दिन रहती हो
फिर हमे अकेला छोड़कर
जाने कहाँ उड़ जाती हो
हर रोज नभ की सीमा तक
उड़कर तुम सैर को जाती हो
बड़ा ही मज़ा आता होगा
जब रंग-बिरंगी संसार देख आती हो
काश हम भी एक पंछी होते
साथ-साथ हम भी उड़ते
हवा के साथ बाते करते और लहराते
फिर थक घर लौट आते
तुम अच्छी चिड़िया हो
सबका मन बहलाती हो …..।
@md. juber husain

One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/01/2016

Leave a Reply