गजल

दोस्ती नहीं सही दुश्मनी बनाए रखना
तेरा मेरा जहाँ पे चर्चा चलाए रखना

ये जान तो तेरी थी न हुवा तुझे मंजूर
हम न सही मेरी यादें सिने में लगाए रखना

अगर हो इजाजत तो रूह बन के आऊँ
अँधेरे में डरना नहीं बस दिया जलाए रखना

सायद तेरे दिल भी कभी मेरे लिए धड़के
होने लगेगी दर्द तो मन में छुपाए रखना

अपनी बेबफाई की जब होने लगे एहसास
आँखों से आँशु बहा के न हमको रुलाए रखना
१४-०१-२०१६

2 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 15/01/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/01/2016

Leave a Reply