||मानव कल्याण ||(पिरामिड )

||मानव कल्याण ||(पिरामिड )

हे
नाथ
मुरारी
त्रिपुरारी
कल्याण करो
हरो दुख सारी
हो मंगल संसार |

ये
जग
पापों का
बुरे लोग
बड़ा संयोग
दानव इंसान
इंसाफ की भीख दो |

ये
काया
मिट्टी की
त्रस्त सृस्टि
भरो सद्बुद्धि
मानव कल्याण
हो पुनः नयी सृस्टि |