मेरा भारत महान – शिशिर “मधुकर”

मेरा भारत महान है ये तो हम सब ने सुना है
कुछ सोच कर ही सरकार ने ये नारा चुना है
कुछ तो खास बात है व्यवस्स्था में यहाँ की
ढूंढे से भी मिलती नहीं है जो और कही भी
बैलों को भी अदालत से यहाँ न्याय मिला है
क्रूर तमिल जलिकट्टू पर तभी तो बैन लगा है
बकरे मगर ग़मगीन हैं उन्हें किसी ने ना सुना हैं
सब लोगों ने उन्हें बलि और खाने को चुना हैं
मुर्गो का भी यही हाल हैं उन्हें कुछ सूझता नहीं
उनके लिए संसद में प्रश्न कोई भी पूछता नहीं
मछलियों की आज़ादी पर भी इंसा के हैं पहरे
उसके जालों से बचते हुए आखिर वो कहाँ तैरे
चमड़े के लिए पशु को काट दो वो क्रूरता नहीं
उसका पका गोश्त भी किसी को घूरता नहीं
बैलों की तरह किस्मत कभी औरों को भी चुनेगी
एक दिन ये अदालत इन सब की भी सुनेगी
इस देश के लोगों के दिल हैं इंसानियत की खान
मुझे भी सदा फक्र हैं कि भारत हैं मेरा महान.

शिशिर “मधुकर”

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 13/01/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/01/2016
      • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/01/2016
  2. davendra87 davendra87 14/01/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/01/2016

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