हुस्न-ए-ग़ुरूर ना कर, ए ढल जाएगा

दिल की खूबसूरती, क़ोई ना मिटा पाएगा।
हुस्न-ए-ग़ुरूर ना कर, ए ढल जाएगा।।

यूँ ना इतरा के चल, तेरा ज़ुनून चढ़ जाएगा।
नशा शराब का नहीं ए, ज़ो उतर जाएगा।।

मुझपर इल्ज़ाम ना लगाना, दिल मचल जाएगा।
ज़िस्म तेरा नज़र आया गर, ज़माना ज़ल जाएगा।।

दिल की खूबसूरती, क़ोई ना मिटा पाएगा।
हुस्न-ए-ग़ुरूर ना कर, ए ढल जाएगा।।

वादा-ए-वफ़ा ना कर, तू भूल जाएगा।
ज़ो तू ना आया, मेरा दिल टूट जाएगा।।

तड़पेगा दिल मेरा, और आहें भरेगा।
ज़ो तू ना दिखे,बूँद पलकों से छलक जाएगा।।

दिल की खूबसूरती, क़ोई ना मिटा पाएगा।
हुस्न-ए-ग़ुरूर ना कर, ए ढल जाएगा।।

लहज़ा ना बदल, तेरा असलियत बदल जाएगा।
बादल गरजेगा, आसमान छलक ज़ाएगा।।

ऐ ज़िन्दगी-ए-हक़ीक़त, ना सता मोबीन को।
वो पत्थर दिल नहीं, मासूम है टूट जाएगा।।

दिल की खूबसूरती, क़ोई ना मिटा पाएगा।
हुस्न-ए-ग़ुरूर ना कर, ए ढल जाएगा।।

8 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 10/01/2016
  2. swetarchi 09/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 10/01/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir 09/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 10/01/2016
  4. Anuj tiwari 09/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 10/01/2016

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