“मेरी क़लम भाग-16” डॉ. मोबीन ख़ान

नफ़रत घोलने वाले हैं, बहुत फ़िज़ाओं में।
ऐ ख़ुदा इन्हें, मोहब्बत का ज़रिया बना दे।।

अग़र बंहक जाऐं कभी, ज़िन्दगी-ए-सफ़र में।
ऐ ख़ुदा इनको, सही रास्ता दिखा दे।।

तू ही कर दे ज़तन, खुशियों का जहांन में।
ऐ ख़ुदा खुशियों की, सूरत दिखा दे।।

नफ़रत घोलने वाले हैं, बहुत फ़िज़ाओं में।
ऐ ख़ुदा इन्हें, मोहब्बत का ज़रिया बना दे।।

सुन उनकी भी ज़ो, जी रहे गुमराही में।
उनकी ज़िन्दगी में, चिराग़-ए-रौशनी फ़ैला दे।।

क्यों मचे क़त्ल-ए-आम, तेरे नाम पर।
तू ज़मीं पर आ, सबको हक़ीक़त बता दे।।

नफ़रत घोलने वाले हैं, बहुत फ़िज़ाओं में।
ऐ ख़ुदा इन्हें, मोहब्बत का ज़रिया बना दे।।

तेरे ही नाम पर नफ़रत, फ़ैली है लोगों में।
तू तो एक है, लोगों को अपना चेहरा दिखा दे।।

मेरी एक गुज़ारिश है तुझसे, सुन ले ज़रा।
ज़ो बटें हैं तेरे नाम पर, उन्हें गले मिला दे।।

नफ़रत घोलने वाले हैं, बहुत फ़िज़ाओं में।
ऐ ख़ुदा इन्हें, मोहब्बत का ज़रिया बना दे।।

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 08/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 09/01/2016

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