||शत-शत नमन माँ भारती के सपूतो को ||

“बहाके लहू सींचा है जिन्होंने
अपनी मातृभूमि को
शत-शत नमन है उनको मेरा
जिन्होंने निश्चिंत किया है हमको ,

जीते है जो वतन के लिए
कर दिया न्यौक्षावर खुद को इसपे
चिरके छाती दुश्मन का
मिटटी का कर्ज चुकाया तुमने,

माँ भारती के सच्चे सपूतो को
शत-शत मेरा नमन है
मातृभूमि को समर्पित जीवन को
शत-शत मेरा नमन है ,

वो लहू नहीं पानी है
जो देश के काम ना आये
वो बहती नहीं जवानी है
जो देश के काम ना आये ||”

3 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 08/01/2016
  2. asma khan asma khan 08/01/2016
  3. omendra.shukla omendra.shukla 09/01/2016

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