मुसाफिर (हाईकू)

कैसा सफर
चल रहा अकेला
मुसाफिर हूं,

सूनी सड़क
अपनों से अलग
अनजान हूं,

हताश नहीं
अजनबी राहों से
मैं हैरान हूं,

तंग गलियां
कदम जो फिसले
परेशान हूं,

आदत नहीं
थकना है मुश्किल
बलवान हूं,

मस्त हवा में
उड़ते परिंदों सी
पहचान हूं,

अभिमान हूं
खोये मुसाफिर का
मैं सम्मान हूं,

….. कमल जोशी …..

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/01/2016
    • K K JOSHI K K JOSHI 07/01/2016

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