सीरत

चेहरे पे चेहरा लगाते हैं,

सूरत वही रहती है,
सीरत छुपाते हैं,
अपनी परछाई से दूर भागते हैं,
और आईने से घबराते हैं लोग!……

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया dknivatiya 06/01/2016
    • asma khan asma khan 06/01/2016
  2. डी. के. निवातिया dknivatiya 06/01/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/01/2016
    • asma khan asma khan 06/01/2016

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