नौजवान

विश्व का अभिमान है तू
प्राणियो का प्राण है तू
क्यो बैठा है खौफ खाके
देश का बलिदान है तू
इन्द्रधनुष के सात रंग
तेरी वीरता का परचम बन जाये
सूर्य की दहकती आग भी
तेरे सीने की अंगन बन जाये
कुत्तो की ना फौज जोड तू
बस शेरो की,टोली बन जाये
थर-थर काँपे दुश्मन सीमा पर
हर भारतीय ऐसी गोली बन जाये
है कमान तेरे हाथो मे
देश का अन्जाम है तू
विश्व का अभिमान है तू।

कदमो से भूचाल उठे
बोली से तूफान उठे
नजर तेरी जिधर पड जाये
दुश्मन के सीने काँप उठे
बहुत निभाया भाइचारा
अब दुष्टों का दरबार उठे
गद्दारो को फाँसी दे दो
ना कभी कोई गद्दार उठे
अब भार है तेरे कंधो पर
देश का इन्तेकाम है तू
विश्व का अभिमान है तू
प्राणियो का प्राण है तू
क्यो बैठा है खौफ खाके
देश का बलिदान है तू।

3 Comments

  1. डी. के. निवातिया dknivatiya 06/01/2016
    • Amitu Sharma 06/01/2016
  2. salimraza salimraza 07/01/2016

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