तुमको प्यार करते थे तुमको प्यार करते हैं – GAZAL SALIM RAZA REWA

तुमको प्यार करते थे तुमको प्यार करते हैं       
जां निसार  करते थे जां  निसार करते  हैं  !      

ख़ुश रहे  हमेशा  तू  हर ख़ुशी मुबारक  हो  
ये दुआ  खुदा से  हम बार – बार  करते हैं !

लोग   दोस्तों  पे  भी  उँगलियाँ  उठाते हैं 
हम तो दुश्मनों   पर  भी एतबार   करते हैं !

वादे में है सदाक़त है लौट  के  वो  आएगा
इस उम्मीद में हम  तो  इंतज़ार  करते  हैं !

हम तो जान दे देते उनके इक  इशारे   पर 
दोस्तों  वो  हमको  कब  शुमार   करते हैं !

फूल सा खिला  चेहरा आँख वो गज़ालों सी
आके ख़्वाब में  अक्सर   बेकरार  करते हैं !

क्यूँ ”रज़ा” शराफ़त के मुश्कबार आँचल को 
अस्मतों के शैदाई  तार  – तार   करते  हैं !

17.3.13
sadaaqat-सदाक़त – صداقت -truth, sincerity,

mushk-baar,मुश्क-बार.مشک بار -diffusing musk, scented

shaidaa.ii शैदाई.شیدائی -lover, enamoured;

6 Comments

  1. asma khan asma khan 06/01/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/01/2016
    • salimraza salimraza 06/01/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/01/2016
  4. salimraza salimraza 06/01/2016

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