“मेरी क़लम” डॉ. मोबीन ख़ान

लोग हुनर नहीं, नाम देख कर तारीफ़ करते हैं,
ख़ुद हैं गुमराह, तभी तो गधे को घोड़ा कहते हैं।

लगे हैं एक-दूसरे की वाह वाही करने में,
अब तो उन्हें ही क़ातिल और उन्हें ही ख़ालिक़ कहते हैं।।

4 Comments

  1. sunil kumar 05/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 05/01/2016
  2. Bimla Dhillon 06/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 06/01/2016

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