“मेरी क़लम”डॉ. मोबीन ख़ान

मोल तो नफ़रत का है,
मोहब्बत तो नीलाम हो ज़ाती है।।

जो करते हैं इंसानियत की बातें,
उन्हीं की बेइज़्ज़ती सरेआम करदी ज़ाती है।।

चोर-उचक्कों के साथ क़ाफ़िला चलता है,
और ईमानदारी तराज़ू में तौलकर बेच दी ज़ाती है।।

मोल तो नफ़रत का है,
मोहब्बत तो नीलाम हो ज़ाती है।।

7 Comments

  1. gyanipandit 04/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 04/01/2016
  2. asma khan asma khan 05/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 05/01/2016
  3. sunil kumar 05/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 05/01/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/01/2016

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