“वतन की ख़ातिर”डॉ. मोबीन ख़ान

एकजुट हो ज़ाओ वतन के रखवालों,
इस चमन की हालत बहुत ख़राब है।।

हर तरफ़ इंसानियत के दिखे दुश्मन,
इंसानों का साँस लेना दुस्वार है।।

खुद से पूछोगे अग़र, तो ज़वाब मिल जायेगा,
वक़्त नहीं ख़राब, हम ही ख़राब हैं।।

एकजुट हो ज़ाओ वतन के रखवालों,
इस चमन की हालत बहुत ख़राब है।।

6 Comments

  1. asma khan asma khan 03/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 04/01/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 04/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 04/01/2016
  3. Raju prajapat 04/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 04/01/2016

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