“हाथ” डॉ. मोबीन ख़ान

वक़्त आ गया है,
हाथ से हाथ पकड़ कर चलने का।

ग़लती से भी ग़लती ना हो ज़ाए हमसे,
कोशिस करना हर क़दम साथ चलने का।

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