ग़ज़ल –: बड़े चर्चे हैं राहों मे !!

चहरा चाँद सा रोशन रौनक इन फिजाओं मे !
तेरी दिलकस अदाओं के बड़े चर्चे हैं राहों में !!

नशा ये मय का है या फिर रंगत हुस्न ने लाई !
दुनिया गुम सी लगती है नशीली इन निगाहों में !!

नहीं कोई चाह बाकी है ना तो परवाह जन्नत की !
आसरा मिल अगर जाये जुल्फों की पनाहों में !!

मुकम्मल हो ना हो गुल को बुलबुल की चहक प्यारी !
तराने छेड़ ही जाती बहकी इन हवाओं मे !!

कर के ईबादत लाख मन्नत हमनें भी माँगी !
जन्नत है कहीं शायद बस तेरी ही बाहों में !!

अनुज तिवारी “इन्दवार”

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/01/2016
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 03/01/2016
  2. डी. के. निवातिया dknivatiya 02/01/2016
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 03/01/2016
  3. संध्या गोलछा 02/01/2016
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 03/01/2016
  4. omendra.shukla omendra.shukla 02/01/2016
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 03/01/2016

Leave a Reply