लो आ गया……नया साल

लो आ गया मै
फिर से….!!!
आपका नया साल
लेकर नई आशाये
और नई उम्मीदे
कुछ नए सपने,
राहें भी साथ है,
मंजिल की आस है !
मिलेगी उसे ही,
नियति जिसकी साफ़ है,
कर्म तो सभी करते है !
मनुष्य से लेकर,
पशु, पक्षी, कीट पतंगे
प्रत्येक प्राणी !
मगर कर्म के रूप भिन्न है,
कारक भिन्न है,
तद्स्वरूप फल भी भिन्न ही होंगे !
मात्र कर्म ही साधक नही,
सत्यमार्ग पर चलने के लिए ,
संग में सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता,
के साथ साध्य होना भी जरुरी है,
और अति महत्वपूर्ण उसके प्रति
सटीक दिशा में द्रवणशीलता,
तो जो मैंने कहना था कह दिया !
अपने परिचय
के साथ आगाह करना
अपना कर्तव्य समझता हूँ !!
वैसे आप जग के सबसे सृजनशील प्राणी हो
जाने वाला साल भी बहुत कुछ सीख देकर गया होगा !
अपनाना आपकी इच्छा पर निर्भर करता है
चलो चलते है, फिर एक नए सफर पर ,
मिलकर साथ साथ !!
देखते है..अंत तक आते आते क्या करोगे !
आशा करता हूँ, भविष्य को भूत से बेहतर ही करोगे !!
धन्यवाद !!
आपका नया साल !!
!
!
!
[——डी. के निवातियाँ——-]

6 Comments

  1. omendra.shukla omendra.shukla 02/01/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/01/2016
  2. Shyam Shyam tiwari 02/01/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/01/2016
  3. salimraza salimraza 02/01/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/01/2016

Leave a Reply