तेवरी (बेटी ससुराल मे)

लालच लत हैवान है !
मोलभाव अपमान है , मत पड मायाजाल में !

बाबुल ने घर सान से !
विदा किए अरमान से , रख उसको खुशहाल में !

ममता भरे पहाड से !
पाला-पोसा लाड से , क्यों तडफे ससुराल में !