!! भूखा इन्सान!!(हाइकू)

भूखा इन्सान !
जीवन की बेबसी
विदीर्ण मन !!

रिश्तो की जांच !
टूटी सब उम्मीद
बढते अपराध !!

लिंग पूजन
चढते फल,दूध
कुचले पैर !!

अन्न की आस !
पत्थर या इन्सान
दबते पाप ! !

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  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/12/2015

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