झूठी शान(पिरामिड)

दो
प्रेमी
दुश्मन
जग आँखे
टूटते दिल
खोते उम्मीद ये
बहकते कदम ।

ये
दर्द
बिखरे
परिवार
अर्थहीन तू
जीवन की लालसा
डूबता दिवाकर ।

ये
मन
समझा
खोई औलाद
रोई दो आँखे
बिखरी जिन्दगी
तडप रही शान ।

ये
जाति
खंजर
तोडी लाठी
लुटती खुशिया
हँसता ये समाज।