? दिले हसरत ?

? दिले हसरत ?
दिले हसरत मेरी ख्वाबो में,
बया कर लेने दे!
दो घड़ी ही सही दामन तेरा,
छू लेने दे!
मुद्दतो से नही महेकी,
मेरे प्यार कि बगीया,
आज उसे खुल के गमक लेने दे!
खयालो में ही नजर आता रहा,
चेहरा तेरा अब उसी चेहरे को,
तरास लेने दे!
हरेक शहर की गलियो में,
तलसता रहा तुझे “कमल “,
भर के आगोश में जरा रो लेने दे!

? लेखक
राजपुत कमलेश “कमल”

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