फूल

रंग-बिरंगी फूल खिले हैं
देखो इस बागो मे
कितनी प्यारी-प्यारी लगते
फूल कितना मनोरम लगते,
भौरे भी गुनगुना कर
इन्हें मीठी गीत सुनातश ,
सब झूमते सब गाते
इस उपवन में मुस्काते,
सदा सुगंध सलोनी सबको
सदा बागो को महकाते,
देखो छम-छम नाच कर
दिखती सबको रंग-बिरंगी तितली रानी,
फूल भी यह देख कर
मन ही मन मुस्काते,
जो भी इन फूलो को काटे
उनको चुभते और पीड़ा पहुँचते,
किन्तु फूल यह दुःख पी जाते
फिर भी सबको सुगंध देते,
रंग-बिरंगी फूल देखो
हरदम मुस्काते,बागो को महकाते.l
@ md. juber husain

One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/01/2016

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