दोहे

साथ पंकज है कठिन , कर रहे जो रोज वादे |
साथ उनके तुम चलो , नेक हैं जिनके इरादे ||
दोस्त हो सकते नहीं हैं , बरसात के बुलबुले |
रेत की चट्टान पंकज , जल बरसते ही घुले ||
आदेश कुमार पंकज

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