मुक्तक

मानता हूँ मैं , कोई तुमसा भला नहीं है |
मानता हूँ दूसरा , तुमसा मिला नहीं है |
गैरों पर यकीं कर , अपनों पर शक किया है ,
पंकज गलती रही हमारी तुमसे गिला नहीं है |
आदेश कुमार पंकज

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