||नाबालिग और अपराध ||

“नाता नहीं है उम्र का कोई
अपराधो की दुनिया से
बनता है रक्षक कानून हमारा
डरता है नाबालिग साये से
सीमा नहीं है अपराधो कोई
मगर सजा की सीमा होती है
करता हूँ अपराध मै हरपल
कानून का डर ना मुझको होती है
हूँ नाबालिग जब तक मै
सजा ना कोई दे पायेगा
रेप करू या चोरी मै
हर गलती को माफ़ किया जायेगा
नाबालिग की आड़ में
पाले जाते है हैवान यहाँ
सजाये माफ़ उन्हें होती है
करते है जो कानून को बदनाम यहाँ ||