हम न नजर आएगे -शिशिर “मधुकर”

तेरी बेरूखी को खूब समझ रहे है हम
लेकिन हमको भी इसका कोई मलाल नही
बुरा वक्त जब धीमे से गुजर जाता है
उसके साथी का किसी को आता कभी ख्याल नही
तूने मजबूरी में हाथ मेरा पकड़ा था
खता मेरी थी जो तुझे दिल से अपना मान लिया
हमसे नजदीकीयों को अब एक बोझ तू समझती है
तेरी फितरत को हमने भी अब पहचान लिया
इस मोड़ की ठोकर से तो हम वाकिफ हैं
चोट सह लेंगे और फिर से संभल जाएगे
ये दूरियां लेकिन तुम्हे जब कचोटेंगी
तुम पुकारोगे और हम न नजर आएगे।

शिशिर “मधुकर”

7 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/12/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir 25/12/2015
  3. SALIM RAZA REWA salimraza 04/01/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/01/2016
  5. YUDHI 10/02/2016
  6. YUDHI 10/02/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/02/2016

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