“जिन्दगी का रास्ता”

क्या हुआ जो तु हार गया , पता लगा क्यु ये हाल हुआ । कर मेहनत बंदे तु , क्यु यू रुठ बेठ गया , जिन्दगी तो अभी बाकी है बंदे , इस तरह न इसको नरक बना । क्या हुआ जो तु हार गया , पता लगा क्यु ये हाल हुआ ।उस पथ पर तु आगे बठ , जिस पर तेरी मंजिल है । माना ये जीवन कि अजब दास्ता , मुशकिलो भरा ये जीवन का रास्ता । क्या हुआ जो तु हार गया , पता लगा क्यु ये हाल हुआ । मेहनत ,लगन को बना अस्त्र , चल तु बंदे चला चल , मंजिल मिलेगी उम्मीद रख , चल तु बंदे चला चल । क्या हुआ जो तु हार गया , पता लगा क्यु ये हाल हुआ ।

3 Comments

  1. नेमीचंद बारासा 21/12/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/12/2015
  3. कुशवाह विकास कुशवाह विकास 23/12/2015

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