मंत्री जी जनता के बीच फिर वोट माँगने निकल पड़े……… व्यंग्य

लेकर नेता साथ बीस पच्चीस
मंत्री जी पहुँचे जनता के बीच ।
हाथ जोड़कर बोले भाई वोट मुझी को देना
मैं आप सबका सेवक हूँ मुझको भुला न देना ।
इतने मे जनता के बीच से किसी ने आवाज लगाई
तुम कौन हो , कहाँ रहते हो पहले बतले दो भाई ।
कहते हो सेवक हूँ पर सेवा कब करते थे ?
आज पहली बार दिखे हो अबतक “मिस्टर इंडिया” बनकर फिरते थे ?
दूजा बोला नही, इन्होंने हम पर कुछ तो उपकार किया है
बाढ़ के समय कई बार हवाई सर्वेक्षण भी किया है ।
कागज में बिजली जलवाई , नहर कई खुदवाये
कागज में ही सही कई सड़क अस्पताल बनवाये ।
जनता का ऐसा भाव देख मंत्री जी घबराये
वोट माँगना भूल गये और भीड़ से बाहर आये ।
लेकिन मंत्री जी की किस्मत में था नही चैन आराम
उनके हिस्से में आई थी मुश्किल आज तमाम ।
हालत ऐसी हो गई जैसे “आसमान से गिरा खजूर में अटका”
उसी वकत कहीं से “ परसों तक “ चैनल का संवाददाता आ टपका ।
मंत्री जी ने उसको देखा तो लगे खिसकने परे
मन ही मन में खुद को कोसा कि आज बेमौत ही मरे ।
मंत्री जी को परे खिसकता देख वो पहुँचा उनके पास
पूछा एक सवाल–गरीबी कैसे हटाएगे और जनता को कैसे खुशहाल बनायेगे ?
मंत्री जी ने सोचा रूके तो यह और सवाल पूछेगा
जान वैसे ही साँसत में है यह और मुझे रगडेगा ।
हड़बड़ा कर बोले गरीबों को मिटाकर गरीबी मिटायेगें और चले वहाँ से भाग
मंत्री जी को ऐसे भागता देख
कुत्ता उनके पीछे लग लिया एक ।
आगे मंत्री जी पीछे कुत्ता दौड़ रहा था
दाँतों से उनकी धोती को खीच रहा था ।
क्षेत्र का सच्चा सेवक झूठे सेवक को खदेड़ रहा था
यह अजीब सा दृश्य जनमानस सारा देख रहा था ।
खींचा तानी में धोती खुल गई मंत्री जी जान बचाकर भागे
ऐसी हालत में यूँ पहुँचे कयोंकि वक्त के रहते कभी न जागे ।
ऐसी सड़क बनाई कि खुद ही उसपर से फिसल पड़े
मंत्री जी जनता के बीच फिर वोट माँगने निकल पड़े ।

राज कुमार गुप्ता – “राज“

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/12/2015
    • RAJ KUMAR GUPTA Raj Kumar Gupta 15/12/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/12/2015
    • RAJ KUMAR GUPTA Raj Kumar Gupta 15/12/2015

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