तेरी मेरी बनी रही

चाहे सबकी ठनी रहे,
तेरी-मेरी बनी रहे।

तू न रहे घर में जिस दिन,
सारे दिन मुर्दनी रहे।

मेहनतक़श मज़दूर न हों,
फिर क्या कोई धनी रहे।

रात अँधेरी भूल न जा,
कब तक ये चाँदनी रहे।

अच्छा-अच्छा सब सोचें,
सबसे सबकी बनी रहे।

अश्रु न छलकें आँखों से,
पीर भले ही घनी रहे।

दिल में प्यार सँजोये रख,
भौंह तनी है तनी रहे।

देख करिश्मा बातों का,
बस थोड़ी चाशनी रहे।

माँ का प्यार अनूठा है,
भले उठी तर्जनी रहे।
‘सौरभ’…….

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