ये नयन

जीवन का दर्पण
दर्द का उपवन
प्यार के कंगन
ये नयन।

भावों का मिलन
आंहों की तपन
ज्योति का जीवन
ये नयन।

गमों का मंथन कर
पलकों की तडपन से
अश्कों का सृजन है हुआ
अमृत-घट सम
ये नयन।

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir 13/12/2015

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