सरहद

सरहद के नाम पर इस कदर ना कत्लेआम करो।
इंसानियत की रूह कांप जाती है।।

इस जहांन को इस क़दर ना बदनाम करो।
अब तो मौत भी यह देखकर शरमा जाती है।।

2 Comments

  1. asma khan asma khan 14/12/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 14/12/2015

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