“दस्तक”डॉ. मोबीन ख़ान

एक,दो,तीन नहीं,अनगिनत ज़ख़्म दिया है लोगों ने इंसानियत को।
देखो कैसे इंसानियत घुट-घुट के सांस ले रही है।।

इतनी आसानी से कामयाबी नहीं मिलेगी, नफ़रत फ़ैलाने वालों को।
अब भी मोहब्बत उनके दिलोँ में दस्तक दे रही है।।

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  1. Tamanna 12/12/2015

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