तुम जो आये हो मेरी दुनिया में

तुम जो आये हो मेरी दुनिया में
हर तरफ खुशियों के चिराग जले।
तुमसे रोशन है जिंदगी मेरी
मेरी आँखों में तेरा प्यार मिले।

मुझसे नजरें न चुराओ
दो पलों की दास्ताँ में
हाल ए दिल अपना सुनाओ
दो पलों की दास्ताँ में।
मै चला जाऊंगा
तेरी धड़कनो के आशियां से
मुझसे ज्यादा ग़र कोई
तुझे और चाहे इस जहां में।
तेरे बिना इल्ज़ाम सी है
हर ख़ुशी मेरे लिए
साथ तेरे ग़म में भी
ख़ुशी की बहार मिले।

एक बस तूने मुझे चाहा है
बाकी सब झूठ है दिखावा है।
तेरे बिन कैसे जी सकूँगा मै
तू ही हर साँस का सहारा है।
दुआ करता है आज दिल मेरा
तुझे तेरी हर ख़ुशी का साथ मिले।

दिल के हर गीत की जुबान हो तुम
मेरे नग़मों की आज जान हो तुम
तुमसे मिलन की आरजू में
जी रहे है हम
मेरी संवरती तकदीर की
पहचान हो तुम।
चैन बनके रहूँगा मै तेरी निगाहों में
तेरी पलकों में मुझे जन्नतें हज़ार मिले।

………………देवेन्द्र प्रताप वर्मा”विनीत”