नन्हा फूल – (काजल / अर्चना )

nanha phool
नन्हा सा फूल मेरा, मट मैला मट मैला तन
छू दो हस दे, पल भर में हो जाये राजन
कहता है माँ रहे हर दम मेरे ही संग संग
लग जाये गले नग्न तन
जगत से लज्जाये माँ के अंचल में छुप जाये
आँखों में शरारत कन्हैया का सुंदरपन
मीठी मीठी तोतली बाते सुन हो जाये शीतल मन
देखू मैं उसमे अपना बचपन
रब मेरे खुशियों का वो है दर्पण
उसके कोलाहल में संसार का भोलापन
जीवन का मधुर सुर माँ सुनते ही जीवन बना उपवन
– काजल / अर्चना

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir 08/12/2015

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