पिरामिड।तन के प्रति।

हे
तन
ममता
परित्याग
जीवन भर
जीवन के बाद
सब जाता बिखर ।

तो
मत
भरना
हृदय में
दुख़द भाव
किसी के मन में
भरो नेह प्रभाव

@राम केश मिश्र

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 08/12/2015
  2. Anuj Tiwari "Indwar" 08/12/2015

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