A small poem – क्या विस्मय है ?

क्या विस्मय है?
सब तम से निर्मित
क्या प्रकाश है?

घूम रहे हम
स्वप्न गली में
भ्रम से विस्तृत
सारा आकाश है,

श्वेत प्रकाश सब
चहुँ ओर घेर ले
धुंध ढेर से
बिम्बित विराग है

क्या विस्मय है?

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