दसन बसन बोली भरि ए रहे गुलाल

दसन बसन बोली भरि ए रहे गुलाल

हँसनि लसनि त्यों कपूर सरस्यौ करै ।

साँसन सुगंध सौंधे कोरिक समोय धरे,

अंग-अंग रूप-रंग रस बरस्यौ करै ॥

जान प्यारी तो तन ’अनंदघन’ हित नित,

अमित सुहाय आग फाग दरस्यौ करै ।

इतै पै नवेली लाज अरस्यौ करै, जु प्यारौ –

मन फगुवा दै, गारी हू कों तरस्यौ करै ॥

Leave a Reply