==* हाल क्या है जनाब का *==

लोकपाल है या जोकपाल
कोण ठहरायेगा
क्या कर रही दिल्ली सरकार
कोई समझायेगा

बंद हो रही आधी गाडीया
मौसम सुधर जायेगा
हर वक्त एक नया झमेला
ऐसे काम हो पायेगा

करले काम जनाब-ए-आला
तकदीर बदल पायेगा
मासूम जनताकी कुछ उम्मिदे
क्या पुरी भी कर पायेगा

इनकेही दोस्त बन गये दुश्मन
कारण कोई बतायेगा
बस उछल रहे बंदर यहापर
दिलवाला सुधर जायेगा

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शशिकांत शांडीले (SD), नागपूर
भ्रमणध्वनी – ९९७५९९५४५०
दि.०७/१२/२०१५

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