==* बता दोष किसका ? *==

तुनेही मिलाई हा मे हा
और झांसा दिया उसने
गलती करती रही तुही
बलात्कार किया उसने

बता दोष किसका ?

जब तलक थी महबुबा
हर सितम प्यारे उसके
अब लगाती इल्जाम
पडणे लगे ताने जमाने

बता दोष किसका ?

तुझे भी तो थी चाहत
उसकेही पास जानेकी
शादी से पहलेही
इज्जत अपनी लुटानेकी

बता दोष किसका ?

क्यू देती दोष उसको
मर्यादा तुने लांघी है
तेरे ही करम है लडकी
नारी लाज तुने बांटी है

बता दोष किसका ?

जब कर लिये पाप तुने
दुखडा किसे सुनाती है
किस्मत ये लिख्खी तुने
रपट उसकी लीखाती है

बता दोष किसका ?

तू हो रही थी बरबाद
तब क्या तू नादान थी
अब हो रही परवाह
क्या यही तेरी जिंदगी थी
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शशिकांत शांडीले (SD), नागपूर
भ्रमणध्वनी – ९९७५९९५४५०
दि. ०४/१२/२०१५

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/12/2015
  2. शशिकांत शांडिले SD 05/12/2015

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