वृद्ध दिवस

वृद्ध दिवस
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मैंने सहसा देखा रात्रि ८ बजे एक अक्टूबर २०१५ को,
अरे आज मनाया जा रहा है वृद्ध दिवस समस्त संसार में I
मैं ७२ + का हो चला हूँ पर किसी ने मेरी सुध तक न ली, एक अनायास चिंता घर ली मन में, ये क्या हो रहा है?
क्यों किसी ने मेरी सुध नहीं ली, क्यों किसी ने हेलो तक नहीं कहा?
एक प्रश्न उठा मेरे मन में “वृद्ध” किसे कहते हैं? सर्व प्रथम वृद्ध की परिभाषा तलाश की जाये?
आज के परिवेश में दादी, नानी, गुरु सब गूगल ही तो है, यह तो अच्छा हुआ की मैंने कम्प्यूटर सीख लिया था I
अन्यथा कौन देता मेरा मन की इस जिज्ञासा का हल, खैर, मैंने कम्प्यूटर ओपन किआ और गूगल महाशय,
को दाग दिया यह प्रश्न वृद्ध किसे कहते हैं? अब तो महाशय मत पूछिए?
भिन्न भिन्न प्रकार की परिभाषाएं? समस्त संसार से ढूंढ ढूंढ कर गूगल महाशय कम्प्यूटर के पटल पर रख चुके थे I
६५ वर्ष की आयु को अधिकांश देशों ने, आधार बनाया वृद्धावथा प्रारम्भ होने की
पर ६० + को कट ऑफ़ उम्र मान लिया, यू एन असेंबली ने सर्व सम्मति से ?
बात एक समझ में आ गयी कि किसे भी नहीं पता कि वृद्ध किसे कहा जाये?
तो फिर?
यक्ष का वही प्रश्न “क्या मैं बुढ्ढा हूँ? नहीं, मैं तो कभी बुढ्ढा हूँगा ही नहीं I
ये शरीर छोड़ सकता है साथ पर मन नहीं, ये मन जिस दिन सोचना छोड़ देगा,
उस दिन शायद मैं बुढ्ढा हो जाऊँगा? पर अभी नहीं, अभी नहीं, कभी नहीं
अभी तो मैं जवान हूँ,
अभी तो मैं जवान हू

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One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/12/2015

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