कही से

मैंने सोचा उसे मैं चाह लूँ कही से |
कैसे सोचा ये लम्हा रुका लूँ कही से |
पल पल सोंचु मैं बनु उसकी कही से |
जानु नहीं मैंने क्या पा लिया कही से |
ठहरे परछाई बढू मैं आगे कही से |
रुकती सांसे चले तेजी तेजी से |
थामे हाथ वह मेरा धीरे धीरे से |
मैंने सोचा बना लू अपना उसे अभी से |

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