दोहा

अपना आज सुधार ले , सुधर जायेगा कल |
पंकज जो जैसा करे , वैसा पायेगा फल ||
शूल बिछाकर राह में , कर दूजों को बेचैन |
पंकज नींद न आयेगी , नहीं पाओगे चैन ||
बल के मद में चूर हो , न हो जाओ मस्त |
पंकज जग में सूर्य भी ,हो जाता है अस्त ||
अपने से कमजोर का , मत करिये अपमान |
पंकज उनसे ही मिले , जग में तुझको मान ||
आदेश कुमार पंकज

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir 03/12/2015

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