मुक्तक

किसी के आँख का मोती ज़मीं पर गिर रहा होगा,
तुझे मैं याद करता हूँ हवाओं ने कहा होगा,
लिखे जो गीत तुम पर, सुन, ज़माना झूम उठता है
कि आँखे भर गई होंगी जो तुम ने भी सुना होगा

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