“शिकायत” डॉ. मोबीन ख़ान

1)लोगों की सोच बदलने से नहीं,
खुद को बदलने से हालात बदलेगा।।

बहुत हो चुका शिकायत ज़माने से,
अपनी ज़रूरत बदलने से ये जहांन बदलेगा।।

2)क्यू मैं शिकायत करूँ तेरी ख़ुदा से,
तू भी तो उसी का बन्दा है।

ज़ब उसने फ़र्क नहीं किया हम में,
फ़िर ये मज़हब कैसा धंधा है।

4 Comments

  1. Swetarchi 03/12/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 03/12/2015
  2. Tamanna 03/12/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 03/12/2015

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