पैरोडी गीत- सीधा-सादा भोला-भाला -शकुंतला तरार

पैरोडी —
सीधा-सादा भोला-भाला
वह तो प्यारा सा मतवाला
आके शहर में तो उसका
देखो निकला है दीवाला
गाँव की माटी में शहरी चौपाटी में
क्या-क्या है भेद उसने आके जाना ||

कौन हो तुम किस देश से आये
क्या है करम कहानी
कौन जतन से प्यार बढायें
क्या है प्रेम की बानी
तुमने मुझको है पहचाना
तुमने मुझको अपना जाना
आके शहर में तो उसका
देखो निकला है दीवाला
गाँव की माटी में शहरी चौपाटी में
क्या-क्या है भेद उसने आके जाना ||

चलते-चलते गीत गुनगुनाएं
हमको किससे डरना
सीने में जब आग लगी हो
मरहम का क्या करना
पल भर प्यार के गीत बनालूं
तुमको ही मैं तुमसे चुरालूं
गाँव की माटी में शहरी चौपाटी में
क्या-क्या है भेद उसने आके जाना ||
शकुंतला तरार रायपुर (छत्तीसगढ़)

Leave a Reply